पीलीभीत, मई 26 -- पूरनपुर, संवाददाता। सेहरामऊ उत्तरी क्षेत्र में दो ग्रामीणों को शिकार बनाने वाला बाघ पांचवे दिन भी वन विभाग के चंगुल में नहीं फंसा। बाघ ने जंगल किनारे पहले एक फार्म हाउस पर धावा बोला। इसके बाद भी घेराबंदी को गच्चा देकर जंगल किनारे पहुंच गया। यहां पर टीम की ओर से बांधे गए भारी भरकम पड्डा को मारकर बाघ खा गया। रविवार को बाघ फिर नहर किनारे देखे जाने से एक्सपर्ट मौके पर जुटे रहे। शाम तक कोई सफलता नहीं मिल सकी। शनिवार रात करीब नौ बजे सुखदेव सिंह निवासी हरिपुर किशनपुर के घर के दरवाजे पर बाघ बैठ गया। इससे उनकी पुत्री बाल-बाल बच गई। शोर मचाने पर बाघ वहां से चला गया। इसके बाद तीरथ सिंह के हरिपुर के खेत में बाघ देखा गया। यहां पर ग्रामीणों ने वन विभाग के साथ मिलकर घंटों गन्ने के खेत में उसे घेरा। बाद में बाघ घेराबंदी को धता बताकर चला...
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