अररिया, फरवरी 24 -- फारबिसगंज, निज संवाददाता। फारबिसगंज शहर में प्लास्टिक और थर्मोकोल कारोबार पर नकेल कसने की नप प्रशासन की योजना सरजमीन पर नहीं उतर पाई है। कागज पर बेशक प्रतिबंध है मगर जमीन पर कारोबार और फल फूल रहा है। सरकार जहां पर्यावरण संरक्षण को लेकर सख्त कानून और अभियान चला रही है, वहीं फारबिसगंज सहित भारत-नेपाल सीमावर्ती क्षेत्र में प्रतिबंधित प्लास्टिक और थर्माकोल का कारोबार खुलेआम फल-फूल रहा है। पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986 के तहत बिहार सरकार ने सिंगल यूज प्लास्टिक एवं थर्माकोल उत्पादों के निर्माण, भंडारण, बिक्री और उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगा रखा है। इसके बावजूद शहर में करीब आधा दर्जन बड़े कारोबारी प्रतिदिन करोड़ों रुपये का अवैध व्यापार संचालित कर रहे हैं। बीच शहर के कई प्रतिष्ठानों में प्लेट, गिलास, प्लास्टिक चम्मच, पतले कैरी बै...