संजय कुमार, फरवरी 13 -- इस बार भीषण गर्मी पड़ने के आसार दिख रहे हैं। इसकी तस्दीक फागुन में ही सूख रही गंगा से हो रही है। अमूमन वैशाख-जेठ में गंगा सूखने लगती है, लेकिन इस बार फागुन में ही शहरी क्षेत्र से गंगा काफी दूर चली गई है। मवेशियों को अधिक प्यास लगना और भूख की कमी भी भीषण गर्मी होने के संकेत दे रहे हैं। वर्ष 2025 की फरवरी में बरारी स्थित इंटकवेल को पानी गंगा की धारा से जिस स्थल से मिलता था। इस फरवरी एक्सट्रा पाइप लगाकर उस स्थल से करीब 100 फीट आगे से मिल रहा है। इंटकवेल आगामी दिनों की परेशानी को ध्यान में रखकर एक्सट्रा पाइप मंगाकर रखने की तैयारी में जुट गया है। संभावित पानी संकट को लेकर पीएचईडी विभाग भी विशेष सतर्कता बरत रहा है। पीएचईडी अभियंताओं ने तमाम क्षेत्र के ग्राउंड वाटर लेवल की रिपोर्ट तलब की है, ताकि समय रहते सरकार से मदद मां...