उन्नाव, नवम्बर 13 -- उन्नाव। फाइलेरिया उन्मूलन की दिशा में कई अभियान चलाए जा रहे हैं। इसी के तहत फरवरी 2026 में प्रस्तावित राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम से पहले जनपद में नाइट ब्लड सर्वे की तैयारियों को पुख्ता करने हेतु सीएमओ कार्यालय में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें लैब टेक्नीशियनों को नाइट ब्लड सर्वे के लिए प्रशिक्षित किया गया। फाइलेरिया एक परजीवी रोग है जो प्रमुख रूप से वुचेरेरिया बैनक्रॉफ्टी जैसे धागेनुमा कीड़े द्वारा होता है। यह परजीवी संक्रमित मादा क्यूलेक्स मच्छर के काटने से मानव शरीर में प्रवेश करता है। जिसके बाद परजीवी लिम्फैटिक सिस्टम (लसीका तंत्र) में रहकर माइक्रोफाइलेरिया नामक लार्वा को जन्म देता है। जो रक्त में फैल जाते हैं। प्रारंभिक अवस्था में संक्रमित व्यक्ति को अक्सर कोई लक्षण नहीं दिखाई द...