सिद्धार्थ, नवम्बर 28 -- सोहना, हिन्दुस्तान संवाद। कृषि विज्ञान केंद्र सोहना की ओर से मिठवल ब्लॉक के जोगिया बुजुर्ग गांव में गुरुवार को फसल अवशेष प्रबंधन पर ब्लॉक स्तरीय जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में किसानों को अवशेष जलाने से होने वाले नुकसान और वैज्ञानिक तरीकों से इसके प्रबंधन के लाभों की जानकारी दी गई। केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. प्रदीप कुमार ने कहा कि फसल अवशेष जलाने से वायु प्रदूषण बढ़ता है और मिट्टी के सूक्ष्म जीव नष्ट होते हैं। पोषक तत्व जलने से मिट्टी की सतह कठोर होती है और रंध्रों में ऑक्सीजन व जल धारण क्षमता कम हो जाती है। उन्होंने बताया कि अवशेष जलाने की बजाय खेत में ही इसके सड़ने से मृदा की गुणवत्ता बेहतर होती है और फसलों की उत्पादकता में बढ़ोतरी होती है। डॉ.प्रवेश कुमार ने किसानों को रोटावेटर, स्ट्रा चॉपर, स...