उरई, दिसम्बर 7 -- उरई। दलहनी एवं तिलहनी फसलों में मौसम के बदलाव के कारण कीट रोग के प्रकोप बढ़ने की सम्भावना बढ़ जाती है। ऐसे में विभाग ने किसानों की सुविधा के लिए एडवाइजरी जारी की है। कीट रोग सर्वेक्षण के समय चना, मटर की फसलों में सेमीलूपर फलीछेदक कीटो का प्रकोप देखा गया है ऐसे में कृषि विभाग ने सरसों एवं मसूर की फसलों में माहूं का प्रकोप आर्थिक क्षति स्तर पांच प्रतिशत से अधिक होने पर राई सरसों में एजाडिरैक्टिन 0.15 प्रतिशत ईसी 2.50 लीटर प्रति हेक्टेयर अथवा डायमेथोएट 30 प्रतिशत ईसी 1.50 लीटर हेक्टेयर 600-700 लीटर पानी में घोलकर छिडकाव करने की सलाह दी है। सरसों में अल्टरनेरिया, पत्ती में धब्बा रोग के नियत्रण के लिए मैकोजेब 75 प्रतिशत डब्लूपी 2 किग्रा हेक्टेयर की दर से छिड़काव करें। कृषि रक्षा अधिकारी ने बताया कि फलीबेधक सेमीलूपर कीट नियंत्...