कटिहार, जून 8 -- फलका, एक संवाददाता फलका प्रखंड क्षेत्र के किसान केला की खेती के बाद अब मकई की खेती कर अपनी तकदीर लिख रहे हैं।मक्के की अच्छी पैदावार होने के कारण यह क्षेत्र काफी खुशहाल लग रहा है।वर्तमान समय में यहां से देश विदेश में मक्का की आपूर्ति की जाती है।इस क्षेत्र की मक्का की मांग कोलकता, दिल्ली, कर्नाटक,असम में अधिक होती है।क्षेत्र के कुल भूमि की तीन तिहाई हिस्से में मकई की खेती की जाती है।मकई की फसल एक वर्ष में दो बार लगायी जाती है।बड़े पैमाने पर अक्टूबर से अप्रैल माह में होती है।अक्टूबर से फसल की बुआई शुरू होती है व अप्रैल माह में कटाई शुरू हो जाती है।एक एकड़ में 35 से 40 क्विंटल तक मकई फसल की पैदावार होती है।पूर्व के वर्षों में एक एकड़ में पंद्रह से सोलह हजार रुपये खर्च आता था।लेकिन वर्तमान समय में खाद- बीज की बढ़ी मूल्य के कारण फस...
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