मुजफ्फरपुर, मार्च 3 -- मुजफ्फरपुर, प्रमुख संवाददाता। फर्जी हस्ताक्षर से निकासी की जांच में कमेटी के सामने सोमवार को जिले के सात हेडमास्टर ही पहुंचे। डीएम ने चार सदस्यीय जांच कमेटी एक सप्ताह पहले गठित की थी। सबमर्सिबल समेत अन्य योजनाओं में फर्जी हस्ताक्षर पर निकासी के आरोप को लेकर कमेटी को जांच का जिम्मा दिया गया है। तीन मार्च को हेडमास्टर को साक्ष्य के साथ कमेटी के सामने आने का निर्देश दिया गया था। सोमवार को महज सात हेडमास्टर ही उपस्थित हुए। 10 मार्च को डीएम ने अंतिम मौका दिया है। सरकारी विद्यालयों में आधारभूत संरचना के निर्माण के बाद भुगतान संबंधी कार्य का निष्पादन सरकारी निर्देशों एवं वित्तीय नियमों के अनुरूप हो, इसके लिए विभिन्न स्तरों से प्राप्त शिकायतों को पूरी पारदर्शिता के साथ जांच को लेकर डीएम सुब्रत कुमार सेन द्वारा विशेष टीम का ...
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