रांची, नवम्बर 27 -- रांची, विशेष संवाददाता। नौकरी दिलाने के नाम पर युवाओं को नक्सली बता फर्जी सरेंडर कराने के मामले में डीएसपी स्तर के अधिकारी के शपथपत्र दाखिल किए जाने पर गुरुवार को हाईकोर्ट ने कड़ी नाराजगी जतायी। चीफ जस्टिस तरलोक सिंह चौहान और जस्टिस राजेश शंकर की अदालत ने स्पष्ट रूप से कहा कि इतने गंभीर और संवेदनशील मामले में डीजीपी स्वयं शपथ पत्र दाखिल करें। मामले की अगली सुनवाई आठ दिसंबर को होगी। इस संबंध में झारखंड काउंसिल फॉर डेमोक्रेट राइट ने जनहित याचिका दायर की है। याचिका में कहा गया है कि वर्ष 2014 में राज्य के 514 आदिवासी युवकों को दिग्दर्शन कोचिंग संस्थान और पुलिस अधिकारियों की मिलीभगत से नक्सली बताकर सरेंडर कराने की तैयारी की जा रही थी। इसके लिए युवकों को सरकारी नौकरी देने का प्रलोभन दिया गया था। सरेंडर कराने से पूर्व में उन...