नई दिल्ली, नवम्बर 30 -- नई दिल्ली, कार्यालय संवाददाता। साकेत जिला अदालत ने 12 वर्ष पुराने सड़क हादसे से जुड़े एक मामले में आरोपी को फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस का उपयोग करने के आरोप में दोषी ठहराया है, जबकि हादसा लापरवाही से होने के आरोप से उसे बरी कर दिया। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मेधा आर्या की अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष इस बात को प्रमाणित करने में विफल रहा कि दुर्घटना आरोपी की लापरवाही का नतीजा थी, लेकिन यह तथ्य निर्विवाद रूप से सिद्ध है कि घटना के समय वह नकली लाइसेंस के साथ टैक्सी चला रहा था। जून 2013 की यह घटना साकेत थाना क्षेत्र के एशियन मार्केट रेड लाइट के निकट हुई थी, जहां देर रात कृष्ण कुमार गौतम की कार की टक्कर एक डीटीसी बस से हो गई थी। मौके पर पुलिस द्वारा मांगा गया आरोपी का ड्राइविंग लाइसेंस जांच में फर्जी पाया गया। बाद ...