लखनऊ, नवम्बर 8 -- लखनऊ, विशेष संवाददाता फर्जी मार्कशीट-अंकपत्र बनाने वाले गिरोह के मास्टरमाइंड व मोनाड यूनिवर्सिटी के चेयरपर्सन विजेंद्र सिंह हुड्डा ने उन्नाव के सरस्तवी मेडिकल कालेज से भी अपना नेटवर्क पूरे देश में चलाया। यहां उसने ऐसा ठिकाना बनाया कि किसी को कई साल तक इस बारे में भनक ही नहीं लगी। उसके घरों से बरामद दस्तावेज से ही पता चला था कि उन्नाव के सरस्वती मेडिकल कालेज का वह सेक्रेटरी भी था। इस कालेज के प्रिंसिपल के बयान से भी ईडी को उसके बारे में कई जानकारियों का खुलासा हुआ है। ईडी सूत्रों का कहना है कि विजेंद्र सिंह हुड्डा के कई नेताओं से अच्छे संबंध है। अपनी यूनिवर्सिटी के जरिए ही उसने इन लोगों तक पहुंच बनाई, फिर इसकी आड़ में वह इस फर्जीवाड़े में लग गया। उसने अब तक हजारों की संख्या में फर्जी प्रमाण पत्र बनाए हैं। ईडी ने बताया कि ...