गोरखपुर, फरवरी 3 -- गोरखपुर, वरिष्ठ संवाददाता। फर्जी प्रमाणपत्र का इस्तेमाल कर पुलिस में नौकरी पाने के आरोपित पर 19 साल बाद कैंट थाने में जालसाजी का केस दर्ज किया गया है। चचेरे भाई के आरोप के बाद जीआरपी में तैनात सिपाही के प्रपत्रों की जांच की गई तो उसमें कमियां सामने आई। इसके बाद एसपी जीआरपी के आदेश पर कैंट थाने में पुलिसकर्मी पर केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। देवरिया जिले के बढ़ौना हरदो गांव निवासी हिमांशु उपाध्याय ने एसपी जीआरपी से फर्जी नियुक्ति की शिकायत की थी। उन्होंने प्रार्थना पत्र में लिखा था कि उनके पट्टीदार सुशील कुमार उपाध्याय फर्जी प्रमाणपत्र के आधार पर 2006 में उत्तर प्रदेश पुलिस में भर्ती हुए थे। वर्तमान में जीआरपी में तैनात हैं। सुशील ने बार-बार अपनी जन्मतिथि बदलकर हाईस्कूल परीक्षा पास की और परिवार...
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