वाराणसी, मई 11 -- - एक माह तक शातिर के जेल में रहने के बाद रेलवे पुलिस की आंख खुली - गाजीपुर के आरोपी का पता आजमगढ़ दर्शाया, नाम भी दूसरा बदल दिया था वाराणसी, वरिष्ठ संवाददाता। रेलवे का एक अपराधी करीब एक माह तक फर्जी नाम और पते के आधार पर न केवल कोर्ट में पेश हुआ, बल्कि न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा गया। करीब एक माह तक वह जेल में रहा, तब जाकर उसका असली नाम और पता सामने आया। अब पूर्वोत्तर रेलवे के गाजीपुर की आरपीएफ को उसके जमानतदारों की तस्दीक करने को कहा गया है। पूरे माामले में आरपीएफ की लापरवाही सामने आई है। गाजीपुर में बीते साल रेलवे की संपत्ति चोरी हुई थी। मामले में गाजीपुर स्टेशन की आरपीएफ ने ही 17 नवंबर 2024 को मुकदमा दर्ज किया था। इस मामले में बीते 26 मार्च को कथित तौर पर एक युवक को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी होने पर आरपीएफ की ओर ...
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