नई दिल्ली, दिसम्बर 13 -- वित्त मंत्रालय ने शनिवार को बताया कि आयकर विभाग ने गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों या धर्मार्थ संस्थानों से संबंधित गलत कटौती दावों के लिए करदाताओं को एसएमएस और ईमेल के माध्यम से सलाह भेजना शुरू कर दिया है। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने आंकड़ों के विश्लेषण के माध्यम से बताया कि पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों (आरयूपीपी) या धर्मार्थ संस्थानों को दिए गए दान के नाम पर बड़ी मात्रा में फर्जी दावे किए गए हैं, जिससे कर देनदारियों में कमी आई है और फर्जी रिफंड का दावा भी किया गया है। वित्त मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि करदाताओं के हित में एक अभियान शुरू किया गया है। यह अभियान करदाताओं के अनुकूल उपाय के रूप में शुरू किया गया है, जो उन्हें अपने आईटीआर अपडेट करने और यदि कोई गलत दावा है तो उसे वापस लेन...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.