लखनऊ, नवम्बर 9 -- जीएसटी विभाग में जाली दस्तावेजों के आधार पर पंजीकरण कराकर करोड़ों रुपये की इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) हड़पने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। हाल ही में, 'गणपती ट्रेडर्स' नामक एक फर्म के मालिक ने फर्जीवाड़ा करते हुए 22.54 करोड़ रुपये से अधिक की आईटीसी क्लेम करने की कोशिश की, जिसका खुलासा राज्यकर विभाग की जांच में हुआ। विभाग के अपर आयुक्त ने आलमबाग थाने में रिपोर्ट दर्ज कराया है। राज्यकर विभाग के अपर आयुक्त विकास वर्मा के अनुसार, फर्म का पंजीकरण विवेक नामक व्यक्ति ने ऑनलाइन माध्यम से कराया था। पंजीकरण के लिए बिजली का बिल और रेंट एग्रीमेंट जैसे कई दस्तावेज फर्जी लगाए गए। पंजीकरण होते ही फर्म मालिक ने करोड़ों रुपये का कारोबार सिर्फ कागजों पर दिखाते हुए, केंद्र व प्रदेश सरकार से 22,54,98,252 रुपये की आईटीसी हासिल करन...