फरीदाबाद, फरवरी 23 -- फरीदाबाद, वरिष्ठ संवाददाता। फरीदाबाद मंडल के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले करीब 96 हजार छात्र-छात्राएं आज भी फर्श पर बैठकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं। चार वर्ष पहले लागू की गई ड्यूल डेस्क योजना अभी तक धरातल पर पूरी तरह से सफल नहीं हो पाई है। योजना का उद्देश्य विद्यार्थियों को बेहतर और सम्मानजनक शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना था, लेकिन जमीनी हकीकत इसके विपरीत नजर आ रही है। ड्यूल डेस्क योजना की शुरुआत पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल द्वारा की गई थी। इसका मकसद सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को निजी स्कूलों जैसी सुविधाएं देना था, ताकि वे भी कुर्सी-डेस्क पर बैठकर पढ़ाई कर सकें। योजना की घोषणा के समय इसे शिक्षा सुधार की दिशा में बड़ा कदम बताया गया था, लेकिन चार साल बीत जाने के बाद भी हजारों विद्यार्थी इस सुविधा से वंचित हैं।...