अररिया, जनवरी 4 -- रानीगंज। एक संवाददाता। रानीगंज मुख्यालय स्थित फ़रियानी नदी के किनारे जामुन घाट के समीप सदियों से पौष पूर्णिमा के मौके पर लगने वाला ऐतिहासिक दोस्ती मेले में शनिवार को पुरानी रौनक गायब दिखी। भीषण ठंड में मेले में सैकड़ो की संख्या में दुकानदारों के द्वारा लकड़ी के सामानों का दुकान लगाया गया था, लेकिन मेले के अनुरुप इस साल ख़रीददारी करने लोगों की भीड़ अन्य साल की तुलना में कम थी। वर्तमान समय में व्हाट्सएप और फेसबुक आदि के जमाने में नदी में स्नान कर दोस्ती की कसमें खाने की सदियों पुरानी परंपरा लगभग समाप्त हो गयी है। करोड़ो के लकड़ी के सामानों की होती है बिक्री। मुख्य रूप से इस मेले में लकड़ी के सामानों की बिक्री हुई। रानीगंज के अलावे दूर दराज से आये लोगों ने लकड़ी से बने सामानों की खरीदारी की। लकड़ी के बने सामानों में पलंग, चौकी, कुर...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.