धनबाद, अक्टूबर 30 -- धनबाद, कार्यालय संवाददाता। फंड के अभाव में मनईटांड़ जलमीनार की मरम्मत नहीं हो रही है, जबकि वह पूरी तरह से जर्जर है। 1974-75 जलमीनार बनाई गई थी। फाउंडेशन 94-95 में किया गया। जलमीनार बनाने के बाद अबतक एक बार भी मरम्मत नहीं हुई है। स्थिति है कि जलमीनार का छज्जा अक्सर गिरता है। राहगीर डर के माहौल में वहां से आवागमन कर रहे हैं। वॉल्व के साइड में लीकेज है, जिससे 24 घंटे पानी नाली में बहता है। इस कारण पूरे क्षेत्र में पानी संकट की समस्या बनी हुई है। पुरानी जलमीनार जर्जर, हादसे का रहता है डर: शहर में 19 जलमीनार हैं, जिससे छह लाख से अधिक आबादी को पानी की सप्लाई हो रही है। शहर की अधिकांश जलमीनार जर्जर हो गई है, जिससे आपूर्ति बाधित हो रही है। जल संकट और जलमीनार की मरम्मत को लेकर स्थानीय लोगों ने पेयजल व स्वच्छता विभाग, नगर निगम ...