रांची, दिसम्बर 14 -- रांची, संवाददाता। हरमू स्थित हाउसिंग बोर्ड के एक प्लॉट की खरीद-फरोख्त से जुड़े धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात के मामले में 22 साल बाद पीड़िता बिंदु शर्मा को शनिवार को न्याय मिला। सजा को चुनौती देने के सात साल बाद पुन: फैसला आया है। अपर न्यायायुक्त पवन कुमार की अदालत ने सजायाफ्ता ब्रज किशोर झा की क्रिमिनल अपील खारिज करते हुए निचली अदालत द्वारा दी गई सजा को बरकरार रखा है। साल 2003 में दर्ज मुकदमे में ट्रायल कोर्ट ने 2018 में अभियुक्त ब्रज किशोर झा को तीन वर्ष जेल की सजा सुनाई थी। सात हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया था। अभियुक्त ने इसे चुनौती देते हुए 2018 में अपील दाखिल की थी। बिंदु ने आरोप लगाया था कि अभियुक्त और मो. अख्तर ने प्लॉट बेचने के नाम पर उनसे 4.88 लाख रुपए लिए थे। लेकिन न रजिस्ट्री की और न ही पैसे लौटाए। अदालत...