एटा, जुलाई 3 -- शहर को प्लास्टिक मुक्त बनाने की सरकारी घोषणाएं और आदेश हवा-हवाई साबित हो रहे हैं। जमीनी हकीकत यह है कि आज भी शहर के बाजारों और गलियों में प्लास्टिक बैग का धड़ल्ले से इस्तेमाल जारी है। इससे न सिर्फ पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है। बल्कि शासन के निर्देशों की भी खुलेआम धज्जियां उड़ रहीं हैं। जिले में प्लास्टिक एक ऐसी समस्या है, जो पर्यावरण के लिए एक गंभीर चुनौती बन चुकी है। इसके बढ़ते उपयोग के कारण नदियों सहित अधिकांश तालाबों, झीलों के अलावा अनेकों जगह मिट्टी में प्लास्टिक कचरा जमा हो गया है। इसे नष्ट करना अब बेहद मुश्किल हो गया है। इस समस्या को ध्यान में रखते हुए प्रदेश सरकार ने प्लास्टिक बैग के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया था। ताकि पर्यावरण को बचाया जा सके और एक स्वच्छ भारत का निर्माण हो सके। जनपद एटा में इन आदे...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.