कानपुर, मार्च 28 -- छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) के आईक्यूएसी और विटामिन एंजिल्स संस्था ने प्रोजेक्ट अम्मा के तहत गुरुवार को गंगा, त्रिवेणी और सरस्वती बालिका छात्रावासों में एनीमिया जांच और जागरूकता शिविर का आयोजन किया। इसमें विश्वविद्यालय की 350 छात्राओं की हीमोग्लोबिन स्क्रीनिंग की गई। अम्मा प्रोजेक्ट में एनीमिया मुक्त भारत के लक्ष्यों को पाने के लिए स्क्रीनिंग कैम्प लगाया जाता है। यह स्क्रीनिंग डिवाइस नॉन इन्वेसिव जांच एब्जॉरबेंस स्पेक्ट्रोस्कोपी पर आधारित है। यह एक मिनट से भी कम समय में बिना रक्त लिए हीमोग्लोबिन के स्तर का पता लगाती है। डॉ. सोनी गुप्ता ने कहा कि लगभग 57 प्रतिशत किशोरियां और महिलाएं (15-49 वर्ष) एनीमिया रोग से ग्रसित है। प्रो. अंशु यादव, प्रो. संदीप कुमार सिंह और रजिस्ट्रार डॉ. अनिल कुमार यादव ने छ...