प्रयागराज, दिसम्बर 12 -- प्रयागराज, संवाददाता। प्रवीण सांस्कृतिक मंच, पटना की ओर से उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र (एनसीजेडसीसी) के सभागार में प्रवीण स्मृति नाट्य महोत्सव के तीसरे दिन नाटक 'नागरदोला' का मंचन किया गया। नाट्य निर्देशक बिजयेंद्र कुमार टॉक के निर्देशन में कलाकार प्रस्तुति के जरिए प्रेम के उस अटूट सत्य को सामने लाते हैं, जिसे न तो समय मिटा पाता है न ही समाज की कठोर व्यवस्था। कलाकारों के मंच पर आते ही संवाद की शुरुआत 'प्रेम न बाड़ी उपजे, प्रेम न हाट बिकाय' प्रभावी तरीके से की। नाटक की कहानी दुर्गापुर के दंगल से शुरू होती है, जहां चूहड़ की जीत के जयकार की गूंज हो रही थी लेकिन यह चूहड़मल केवल एक पहलवान नहीं है बल्कि एक प्रतीक है उस प्रेम का जो कभी मरता नहीं है। कलाकार दर्शाते है कि जिस तरह से रेशमा की कथा युगों से जीवित है,...