जबलपुर, जून 30 -- मध्य प्रधेश के जबलपुर में पत्नी ने प्रेमी के साथ मिलकर अपने ही पति की हत्या कर दी थी। इसके बाद इस घटना को सड़क हादसे का रूप देने की कोशिश भी की गई थी। इस घटना में एक और शख्स ने उनका साथ दिया था। अब कोर्ट ने इस मामले में सभी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत मामलों की सुनवाई करने वाले जज गिरीश दीक्षित की विशेष अदालत ने सबूतों के आधार पर तीनों को दोषी पाया। जानकारी के मुताबिक मझगवां थाना क्षेत्र निवासी आशीष चौधरी राजमिस्त्री का काम करता था और उसकी शादी मनीषा उर्फ साधना से हुई थी। आशीष की पत्नी का उसके गांव में रहने वाले धर्मेंद्र उर्फ धन्नू से प्रेम संबंध था। घटना साल 2022 की है। आशीष को अपने रास्ते से हटाने के लिए पत्नी ने धर्मेंद्र और उसके साथी आमिल उर्फ चालीस के साथ मिलकर...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.