कानपुर, फरवरी 11 -- कानपुर। क्रिश्चियन यूनिटी ऑक्टेव (विश्वव्यापी मसीह एकता अष्टक) के बाद बुधवार को मसीही समाज ने संयुक्त रूप से राष्ट्रपति को नामित एक मांगपत्र जिलाधिकारी के माध्यम से भेजा। इसमें मसीही समाज ने संविधान के प्रावधानों के अनुसार समाज और उससे जुड़ी संस्थाओं व संगठनों को सुरक्षा दी जाए। पादरियों ने कहा कि उच्च न्यायालय के आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि कि प्रार्थना के लिए एकत्रित होना या पवित्र बाइबल का पाठ पढ़ना नागरिकों का संवैधानिक अधिकार है। छोटे भाई नरोना, पादरी जितेंद्र सिंह, नोएल जॉर्ज, पादरी संतोष पांडेय और नितिन लाल ने मांगपत्र सौंपते हुए कहा कि 40 रोजे के दौरान घर-घर होने वाली प्रार्थनाओं में सुरक्षा प्रदान की जाए।

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