अयोध्या, जनवरी 21 -- अयोध्या,संवाददाता। 22 जनवरी 2024 की तिथि राम मंदिर के इतिहास में स्वर्णाक्षरों में अंकित हो चुकी है जब पांच सौ सालों की प्रतीक्षा की घड़ी का अंत हो गया और राम मंदिर में रामलला का पदार्पण हो गया। नौ नवम्बर 2019 को सुप्रीम कोर्ट के द्वारा राम मंदिर विवाद का पटाक्षेप करते हुए रामलला के भव्य मंदिर के निर्माण का आदेश दिया गया था। इसके पहले कोर्ट ने एक नया ट्रस्ट भी गठित करने का भी आदेश दिया था। इसी आदेश से पांच फरवरी 2020 को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट अस्तित्व में आया और ट्रस्ट द्वारा निर्माण की प्रक्रिया शुरू की गयी। इसके पहले पांच अगस्त 2020 को राम मंदिर के लिए भूमि पूजन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किया था तो 22 जनवरी 2024 को भी प्रधानमंत्री मोदी ने रामलला का नेत्रोन्मिलन किया था। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्ष...
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