काशीपुर, मई 9 -- काशीपुर, संवाददाता। भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) व ब्रुनेल यूनिवर्सिटी लंदन के सहयोग से आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में पहले दिन विकसित भारत 2047 की राष्ट्रीय परिकल्पना के अनुरूप, भारत के सतत विकास पथ को लेकर विद्वानों, शोधकर्ताओं और उद्योग विशेषज्ञों ने चर्चा की। पूर्व राजदूत सीएम भंडारी ने कहा कि प्राचीन भारतीय शास्त्रों का ज्ञान हमारे शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य दोनों के लिए अत्यंत लाभकारी है। पहले दिन 45 शोध पत्र प्रस्तुत किए गए। शुक्रवार को आईआईएम में 'भारत के भविष्य के लिए सतत प्रबंधन रणनीतियां विषय पर तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन शुरू हुआ। तीन दिनों के सम्मेलन में कुल 101 शोध पत्र प्रस्तुत किए जाने की योजना है। पहले दिन प्रस्तुत विषयों में भारतीय ज्ञान प्रणाली, प्रबंधकीय कौशल और नेतृत्व, कार्यबल में कल्याण,...
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