कानपुर, फरवरी 20 -- आधारभूत सुविधाओं के अभाव में विभिन्न पोर्टलों के अनुपालन का पूरा बोझ महाविद्यालयों के प्राचार्यों व शिक्षकों पर पड़ रहा है। जिससे उनके शिक्षण, शोध और सृजनात्मक कार्य प्रभावित हो रहे हैं। इसको लेकर शुक्रवार को कानपुर विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (कूटा) के पदाधिकारियों ने वर्चुअल बैठक कर रणनीति बनाई। कूटा के अध्यक्ष डॉ. बीडी पांडेय ने बताया कि विवि से संबद्ध अनुदानित महाविद्यालयों के संगठन पदाधिकारी व शिक्षकों ने बैठक में हिस्सा लिया। जिसमें सर्वसम्मति से चार महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। संघ ने मांग की है कि अनेक पोर्टलों के स्थान पर एक एकीकृत पोर्टल बनाया जाए। महाविद्यालयों में इस कार्य के लिए लिपिकीय पद स्वीकृत किए जाए। जिससे शिक्षक अध्ययन-अध्यापन व शोध पर ध्यान दे सकें। सभी कॉलेजों में निःशुल्क व निर्बाध इंटरनेट वाई-फाई सुवि...