नई दिल्ली, दिसम्बर 2 -- दिल्ली हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा कि दिल्ली पुलिस अथवा अन्य सशस्त्र बल में भर्ती के समय उम्मीदवार के शरीर पर प्राकृतिक तौर पर बने उभार पर उसे चिकित्सीय आधार पर नौकरी से वंचित नहीं कर सकते। हाईकोर्ट ने कहा कि यदि यह उभार शारीरिक क्षमता कम नहीं कर रहा है तो इस आधार पर उसे मेडिकली अनफिट नहीं मान सकते। न्यायमूर्ति नवीन चावना व न्यायमूर्ति मधु जैन की पीठ ने दिल्ली पुलिस में महिला कांस्टेबल के लिए आवेदन करने वाली युवती की दोबारा चिकित्सीय जांच करने के आदेश देते हुए यह टिप्पणी की। पीठ ने कहा कि केन्द्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण पहले ही इस बाबत आदेश दे चुका है। याचिकाकर्ता युवती के शरीर के एक हिस्से में टिश्यूस(ऊतकों के इकट्ठा) होने से यह उभार बना था। जिसकी वजह से उसे लिखित, शारीरिक व अन्य मापदंड पूरा करने के बा...
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