लखीसराय, मई 12 -- कजरा। किसान सलाहकार अनिल कुमार सिंह ने बताया कि रबी फसल की कटाई के बाद खाली पड़े खेतों में हरी खाद वाली फसलें बोकर मिट्टी को पोषण दिया जा सकता है। ये फसलें तेजी से बढ़ती हैं और 40-50 दिन में मिट्टी में मिलाई जा सकती हैं। हरी खाद से मिट्टी में जैविक पदार्थ बढ़ता है, जलधारण क्षमता सुधरती है और अगली फसल के लिए पोषक तत्व उपलब्ध होते हैं। यह पद्धति छोटे किसानों के लिए विशेष रूप से लाभदायक है, क्योंकि इससे उर्वरक लागत कम होती है और मिट्टी दीर्घकालिक रूप से उपजाऊ बनी रहती है।
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