सीवान, जनवरी 21 -- कृषि विशेषज्ञ डॉ. रोहित पाल ने बताया कि प्राकृतिक खेती से किसानों की लागत कम होने के साथ ही जहरीले रसायनों से मुक्त अनाज भी बाजार में पहुंचेंगे। प्राकृतिक खेती के जरिए पैदा किए गए अनाज की बाजार में अलग पहचान बनेगी। एक एकड़ खेती में पूर्व में 6 से 8 हजार रुपये तक रासायनिक खाद व दवाओं पर ही खर्च हो जाते थे, लेकिन प्राकृतिक खेती में गोबर, गोमूत्र व देसी सामग्री से 1500 से 2000 रुपये में ही खेती संभव हो रही है। जिला कृषि पदाधिकारी का कहना है जिला कृषि पदाधिकारी आलोक कुमार ने बताया कि जिले में 1500 एकड़ में किसानों ने प्राकृतिक तरीके से खेती की है। प्राकृतिक खेती मिशन योजना के तहत जिले में 1500 एकड़ में प्राकृतिक खेती कराने का लक्ष्य रखा गया था। इसके लिए कृषि विभाग की ओर से सरयू व सारण तटबंध के किनारे स्थित 11 प्रखंडों का चय...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.