गंगापार, मार्च 8 -- खेतों में अधिक रसायन के प्रयोग से पानी की अधिक आवश्यकता पड़ती है। रासायनिक खाद के उपयोग से अत्यधिक उपजाऊ जमीन के भी उपज पर प्रभाव पड़ता है। अधिक रासायनिक खादों से उत्पादित अनाज स्वास्थ्य के लिए भी हानिकारक होता है। जिसके कारण लोग तरह-तरह की बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। अगर स्वस्थ जीवन की ओर उन्मुख होना है तो, प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करना होगा। भारत सरकार ने भी नेचुरल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग के अंतर्गत किसानों की आर्थिक स्थिति सुधारने के दिशा में ठोस कदम उठाए हैं। जिसमें जीरो बजट खेती मुख्य है। जीरो फार्मिंग के जरिए कृषि के मूलभूत एवं पारंपरिक खेती की ओर लौटने पर बल दिया गया है। जीरो बजट फार्मिंग में किसान जो भी फसल उगाएंगे उसमें कीटनाशक और रासायनिक पदार्थों का प्रयोग कम किया जाएगा उसके स्थान पर गोबर खाद, फसलो...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.