कुशीनगर, दिसम्बर 23 -- कुशीनगर। धान, गेहूं व गन्ना की पारंपरिक खेती के अलग हटकर प्राकृतिक, जैविक व औषधीय खेती करके स्वयं की आमदनी बढाने के साथ जिले के किसान प्रेरणास्रोत बने हुए हैं। इन प्रगतिशील किसानों को कृषि विभाग जनपद से लगायत प्रदेश स्तर पर आयोजित कार्यक्रमों में सम्मानित कर चुका है। भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की जयंती पर उनके कृषि विकास के सपने को साकार करने वाले जिले के ऐसे किसानों की कुछ ऐसी रही बदलाव की यात्रा... प्राकृतिक खेती से शून्य लागत पर हरिशंकर से उपाजाया कालानमक धान विशुनपुरा ब्लॉक के पिपरा खुर्द के किसान हरिशंकर राय ने छह साल पहले प्राकृतिक खेती के क्षेत्र में कदम रखा। वह छह एकड़ जमीन में प्राकृतिक खेती करते हैं। उन्होंने मौजूदा समय में डेढ एकड़ में 24 कुंतल कालानमक धान व डेढ़ एकड़ में मालवीय सुगंधा 32...
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