शाहजहांपुर, अगस्त 28 -- शाहजहांपुर। दिल्ली हाईकोर्ट ने प्राइवेट स्कूलों में किताबों के भ्रष्टाचार के खिलाफ दून इंटरनेशनल स्कूल शाहजहांपुर के डायरेक्टर डॉ. जसमीत साहनी द्वारा दायर जनहित याचिका (पीआईएल) को स्वीकार कर लिया है। चीफ जस्टिस तुषार राव गेडेला ने एनसीईआरटी, सीबीएसई और दिल्ली सरकार को नोटिस जारी कर याचिका पर जवाब मांगा है। इस कदम से भारत की सबसे लंबित बहस में नए मोड़ की संभावना है, जो दशकों से अभिभावकों को भारी आर्थिक बोझ डाल रहे भ्रष्टाचार पर केंद्रित है। डॉ. जसमीत साहनी ने अपने अध्ययन और अनुभव के आधार पर बताया है कि अच्छे प्राइवेट स्कूल किताबें महंगी होने के कारण सामान्य और गरीब परिवार के लिए लगभग असंभव हैं। यही कारण है कि उनकी याचिका में किताबों के रेट कम और फिक्स करने, साथ ही आरटीई के अंतर्गत आने वाले बच्चों के लिए किफायती विकल...