लखनऊ, जून 25 -- लखनऊ, प्रमुख संवाददाता प्राइवेट स्कूलों की भांति परिषदीय विद्यालयों में भी नर्सरी अथवा बालवाटिका की पढ़ाई होगी। बेसिक शिक्षा विभाग ने इसके लिए एक प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेज दिया है। इसके तहत प्राइमरी स्कूलों में 5-6 वर्ष की आयु वर्ग के बच्चों के लिए यह नई व्यवस्था शुरू करने का निर्णय किया गया है। दरअसल, नई शिक्षा नीति में पहली कक्षा में प्रवेश के लिए बच्चे की आयु कम से कम छह वर्ष निर्धारित की गई है। ऐसे में प्रदेश में संचालित आंगनबाड़ी केंद्र जहां बालवाटिका-1 से लेकर बालवाटिका-3 तक की शिक्षा दी जा रही है। इन केंद्रों में तीन से छह वर्ष के बच्चों का नामांकन होता है, को छोड़कर शेष परिषदीय प्राइमरी एवं कम्पोजिट विद्यालयों में नर्सरी अथवा बालवाटिका कक्षाएं शुरू करने का निर्णय किया गया है। इसी निर्णय के अनुसार प्रस्ताव तैयार...
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