प्रयागराज, फरवरी 17 -- इलाहाबाद हाई कोर्ट ने बरेली में एक घर के अंदर प्राइवेट प्रॉपर्टी पर नमाज पढ़ने से रोके जाने के मामले में संबंधित जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को अवमानना का नोटिस जारी किया है। जस्टिस अतुल श्रीधरन और जस्टिस सिद्धार्थ नंदन की पीठ ने यह आदेश बरेली निवासी तारिक खान की याचिका पर सुनवाई करते हुए गत 12 फरवरी को दिया। हाई कोर्ट ने निर्देश दिया कि बरेली के जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को न्यायालय की अवमानना अधिनियम 1971 के तहत नोटिस जारी किए जाएं क्योंकि 27 जनवरी 2026 को 'मरनाथ फुल गॉस्पेल मिनिस्ट्रीज बनाम उत्तर प्रदेश सरकार' मामले में उच्च न्यायालय का आदेश बरेली के मामले में भी लागू होता है। न्यायालय ने इस मामले को 11 मार्च को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने का आदेश दिया है। 'मरनाथ फुल गॉस्पेल मिनिस्ट्रीज बनाम उत्तर...