लखनऊ, मई 12 -- लखनऊ, विशेष संवाददाता कानपुर के गणेश शंकर विधार्थी मेडिकल कॉलेज (जीएसवीएम) के दो चिकित्सा शिक्षकों पर प्राइवेट प्रैक्टिस के चलते गाज गिरी है। जांच रिपोर्ट के आधार पर दोनों चिकित्सा शिक्षकों को नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया है। वहीं, कानपुर के जेके कैंसर संस्थान के निदेशक पर टेंडर में लापरवाही के आरोप लगे। इसके अलावा सात डॉक्टरों व दो सीएमओ भी कार्रवाई के घेरे में आ गए हैं। जीएसवीएम के न्यूरो सर्जरी विभाग में डा. राघवेन्द्र गुप्ता सह आचार्य के पद पर एवं डा. स्वप्निल गुप्ता पैथोलॉजी विभाग में सहायक आचार्य के पद पर तैनात थे। दोनों डॉक्टर शासन के आदेशों की अवहेलना कर रहे थे। प्राइवेट प्रैक्टिस न करने का दावा कर रहे थे। मामले की कानपुर मंडलायुक्त द्वारा जांच कराई गई। जिसमें कानपुर के न्यूरॉन हॉस्पिटल में प्राइवेट प्रैक्टिस करने ...
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