उरई, जनवरी 22 -- जालौन। औरैया रोड स्थित सतीशचंद्र मिश्रा के आवास पर आयोजित साप्ताहिक श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन कथा व्यास अनिल त्रिपाठी महाराज ने प्रहलाद चरित्र का वर्णन करते हुए भक्ति, सत्य और ईश्वर पर अटूट विश्वास का संदेश दिया। चौथे दिन की कथा में अनिल त्रिपाठी महाराज ने कहा कि प्रहलाद की कथा यह सिखाती है कि सच्ची भक्ति किसी भय, लालच या अत्याचार से विचलित नहीं होती। उन्होंने बताया कि प्रहलाद बाल्यावस्था से ही भगवान विष्णु के परम भक्त थे। उनके पिता हिरण्यकश्यप ईश्वर विरोधी थे और स्वयं को सर्वशक्तिमान मानते थे, लेकिन प्रहलाद ने अनेक यातनाओं के बावजूद भगवान का स्मरण नहीं छोड़ा। उन्हें आग में जलाने, विष पिलाने, ऊँचाई से गिराने और हाथियों से कुचलवाने जैसे अनेक प्रयास किए गए, परंतु हर बार ईश्वर की कृपा से भक्त प्रहलाद सुरक्षित रहे। जब हिरण्...