विकासनगर, दिसम्बर 2 -- चकराता वन प्रभाग के मझोग बीट में शैक्षणिक भ्रमण पर पहुंचे प्रशिक्षु वनाधिकारियों को स्थानीय जैव विविधता, जड़ी बूटियों की जानकारी देने के साथ ही चीड़ बाहुल्य जंगलों में वनाग्नि से निपटने के तरीके बताए गए। डीएफओ समेत अन्य वन अधिकारियों ने मझोग वीट में मॉकड्रिल कर प्रशिक्षु अधिकारियों को वनों में लगने वाली आग पर नियंत्रण पाने के तरीके बताए। डीएफओ वैभव कुमार ने बताया कि उत्तराखंड में वनाग्नि की घटनाएं अधिक होती हैं, जिनमें हर साल करोड़ों रुपये की वन संपदा का नुकसान होता है। वनाग्नि की घटनाओं से जैव विविधता और जंगल का पारिस्थितिकी तंत्र भी असंतुलित हो रहा है, जिसका खामियाजा मानव और वन्य जीवों को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि जंगलों में आग की घटनाओं को फैलने में चीड़ बाहुल्य जंगल सबसे अधिक खतरा होते हैं। उन्होंने फाय...