रामपुर, नवम्बर 13 -- जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में आयोजित प्रज्ञा मॉड्यूल प्रशिक्षण के अंतर्गत मानवीय एवं संवैधानिक मूल्यों पर आधारित तीन दिवसीय प्रशिक्षण का तीसरा एवं अंतिम दिवस का आयोजन किया गया। समापन सत्र को संबोधित करते हुए डायट के प्राचार्य उप शिक्षा निदेशक अशोक कुमार ने कहा कि मूल्यों की शिक्षा केवल पाठ्यक्रम का विषय नहीं, बल्कि जीवन का अभ्यास है। यदि शिक्षक स्वयं मूल्यों के संवाहक बनें, तो समाज में सकारात्मक परिवर्तन स्वत: संभव है। सत्र में प्रशिक्षकों ने शिक्षकों के साथ विचार मंथन करते हुए रेखांकित किया कि विद्यालय ही वह प्रथम स्थान है जहां संवैधानिक मूल्यों का व्यवहारिक विकास संभव है। प्रतिभागियों ने समूह गतिविधियों, भूमिका ,अभिनय और चर्चाओं के माध्यम से करुणा, समानता, सहिष्णुता और जिम्मेदारी जैसे मूल्यों को जीवन से जोड़न...