बांदा, नवम्बर 6 -- बांदा। संवाददाता बारिश से किसानों की धान की ज्यादातर फसल नष्ट हो गई है, वहीं दलहनी-तिलहनी फसलों का बीज खेतों में ही बर्बाद हो गया। खराब फसलें लेकर किसान डीएम की चौखट में प्रदर्शन कर रहे हैं। सभी तहसीलों में फसलों का सर्वे कराया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक किसी भी गांव में 33 प्रतिशत से ज्यादा नुकसान नहीं है। इससे किसान मुआवजा पाने के हकदार नहीं हैं। जिस किसान का व्यक्तिगत तौर पर 40 प्रतिशत से ज्यादा नुकसान हुआ होगा, उसे पीएम फसल बीमा योजना से क्षतिपूर्ति दिलाई जाएगी। कृषि विभाग और राजस्व विभाग से बारिश से खराब हुई फसलों का सर्वे कराया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक फसलों का वर्षा व हवा से नुकसान हुआ है, पर कहीं भी 33 प्रतिशत से ज्यादा नहीं है।उप कृषि निदेशक अभय सिंह का हना है कि कृषि विभाग और राजस्व विभाग से बारिश से खराब हु...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.