पटना, नवम्बर 14 -- बिहार में तीसरी ताकत के रूप में उभरने की कोशिश करते हुए विधानसभा चुनाव में उतरे जनसुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर को बड़ा झटका लगा है। ना सिर्फ उनकी पार्टी का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक है, बल्कि उनकी वह भविष्यवाणी भी पूरी तरह गलत साबित हुई जिसपर उन्होंने राजनीतिक करियर यह कहते हुए दांव पर लगा दिया कि- गलत साबित हुआ तो राजनीति छोड़ दूंगा। सुबह साढ़े 10 बजे तक चुनाव आयोग की वेबसाइट के मुताबिक, एनडीए को रुझानों में बंपर बहुमत मिलता दिख रहा है। ना सिर्फ नीतीश कुमार एक बार फिर मुख्यमंत्री बनते दिख रहे हैं बल्कि उनकी पार्टी भाजपा के साथ सबसे आगे निकलने की होड़ में है। सबसे बड़ी पार्टी की रेस में कभी भाजपा तो कभी जेडीयू एक सीट से आगे निकलती दिख रही है। जेडीयू कुल कितनी सीटें जीत पाएगी, यह तो शाम तक साफ हो पाएगा लेकिन यह इतना साफ...