आजमगढ़, दिसम्बर 4 -- आजमगढ़, संवादददाता। ठंड का आगाज शुरू होते ही साइबेरियन पक्षियों के कलवर से जिले के ताल जीवंत हो उठे हैं। जिले के अजमतगढ़ का सलोना ताल, रानी की सराय का बड़ैला ताल और ठेकमा के जमुआवां ताल में विदेशी मेहमानों की चहचहाट गूंजने लगी है। मध्य एशिया, रूस और साइबेरिया के हिमाच्छादित क्षेत्रों से हजारों किलोमीटर की दुर्गम यात्रा तय कर यहां पहुंचे अतिथियों ने जिले के प्राकृतिक सौंदर्य को नया आयाम दिया है। जिले में आने वाले प्रमुख प्रवासी (विदेशी) पक्षियों में मुख्य रूप से साइबेरियन क्रेन, लालसर, नार्दन पिंटेल, रोजी पेलिकन, ग्रेलेग गूज आदि शामिल हैं। वन विभाग का दावा है कि पक्षी पूरी तरह से सुरक्षित हैं और शिकारियों पर नजर रखी जा रही है। प्रशासन ने शिकारियों के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाई है। वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत प...