सिद्धार्थ, नवम्बर 25 -- बिजौरा, हिन्दुस्तान संवाद। भनवापुर ब्लॉक के गागापुर गांव में चल रहे रामलीला के तीसरे दिन रविवार रात कलाकारों ने प्रभु राम के जन्म और विश्वामित्र आगमन की लीला का मनोहारी मंचन किया। इसे देखकर श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो गए। कलाकारों ने दिखाया कि राजा दशरथ का चौथा पन आ गया और उन्हें कोई संतान की प्राप्ति नहीं हुई। उन्हें इस बात की चिंता हुई कि उनके बाद अयोध्या का साम्राज्य कौन संभालेगा। महाराजा दशरथ सलाह के लिए गुरु वशिष्ठ के आश्रम जाते हैं। गुरु वशिष्ठ ने श्रृंगी ऋषि को बुलवाया। श्रृंगी ऋषि ने पुत्र प्राप्ति का यज्ञ करवाया। इससे प्राप्त हव्य को राजा दशरथ ने रानियों में बांटा और उन्हें चार पुत्रों की प्राप्ति हुई। दूसरी ओर जंगल में दुष्ट राक्षस साधु- संतों, ऋषि-मुनियों को पूजा पाठ और हवन नहीं करने दे रहे थे। मुनि विश्वामि...