प्रयागराज, जनवरी 30 -- भक्ति वेदांत नगर काशी के सेक्टर 20 स्थित शिविर में चल रही श्रीरामकथा के 19वें दिन डॉ. रामकमलदास वेदांती ने रामचरितमानस में वर्णित मिथिला प्रसंग की महिमा का बखान किया। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम की माया बड़ी प्रबल है। महिर्षि विश्वामित्र के साथ अहिल्या का उद्धार करते हुए जब भगवान मिथिला पधारे तो मिथिला नरेश राजा जनक राम-लक्ष्मण की अति दिव्य झांकी को देखकर बड़े प्रसन्न हुए थे। उन्होंने कहा कि जब तक काम व धाम का मोह त्यागकर श्रीराम का दर्शन पाने का प्रण नहीं करेंगे तब तक मानव जीवन सार्थक नहीं होगा।
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