सिद्धार्थ, दिसम्बर 10 -- डुमरियागंज, हिन्दुस्तान संवाद। क्षेत्र के बहेरिया गांव में चल रहे श्रीमद्भागवत कथा के अंतिम दिन सोमवार की रात कथावाचक आलोकानंद शास्त्री ने प्रभु श्रीकृष्ण व सुदामा की मित्रता का प्रसंग सुनाया। इसे सुन कर श्रद्धालु भाव विभोर हो गए। कथावाचक ने कहा कि जो भगवान को अपना मित्र बनाता है, भगवान उसके कष्टों को मिटा कर अपने जैसा बना लेते हैं। उन्होंने कहा कि मित्रता में एक दूसरे का सहयोग अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसमें कोई छोटा बड़ा नहीं होता। उन्होंने बताया कि मित्रता कैसे निभाई जाए यह भगवान श्रीकृष्ण व सुदामा से समझा जा सकता है। उन्होंने बताया कि सुदामा अपनी पत्नी के आग्रह पर अपने मित्र कृष्ण से मिलने के लिए द्वारिका पहुंचे। सुदामा ने द्वारिकाधीश के महल का पता पूछा और महल की ओर बढ़ने लगे, लेकिन द्वार पर द्वारपालों ने सुदामा को ...