अररिया, जुलाई 4 -- फारबिसगंज, अमरेन्द्र कुमार। सुल्तान पोखर सहित पूरे शहर में सौ से ज्यादा फर्नीचर कारोबारी मुफलिसी जीवन जीने को मजबूर है। लकड़ी की अनुपलब्धता, सरकार की उदासीनता और लोगों के बदले मानसिकता का इन कारोबारी पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। न तो कौशल विकास का प्रशिक्षण और ना ही औजारों की उपलब्धता, आरा मशीन के लाइसेंस पर लगी रोक के बाद बस अपने हाल पर जीने को मजबूर है यह समाज। सत्ता में हिस्सेदारी नहीं मिलने से यह अपने आप को अधिकार से वंचित समझते हैं। यह भी स्वीकार करते हैं की स्कील के अभाव में आधुनिकतम फर्नीचर नहीं बन पाने का दंश भी इन्हें झेलना पड़ रहा है। यहां तक की आरक्षण के लाभ से भी अपने आप को वंचित बताते हैं। फारबिसगंज के सुल्तान पोखर स्थित बढई पट्टी में दो से तीन पुस्तों से यह कारोबारी अपना कारोबार करते हैं। पूरे शहर में 100 से भ...
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