प्रयागराज, जनवरी 30 -- पं. प्रदीप मिश्र ने शुक्रवार को खाकचौक के प्रधानमंत्री जगद्गुरु संतोषदास 'सतुआ बाबा' के शिविर में शिव चर्चा के दौरान प्रदोष के महत्व के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि लोग अपनी गोद में चावल का एक दाना भी डाल लें और उसे पूरे दिन रखें। प्रदोषकाल बीत जाने के बाद उसे घर के शिवलिंग पर अर्पित कर दें तो वर्षों की मुराद पूरी हो जाती है। शुक्रवार को प्रदोष का दिन होने के कारण कथा का केंद्र प्रदोष ही रहा। पं. प्रदीप मिश्र ने कहा कि प्रदोषकाल में बेलपत्र, चावल, दूध, गंगाजल, शहद, मिष्ठान आदि चढ़ाने के अलग-अलग तरीके हैं। अपनी मनोकामना के अनुसार सामग्री प्रदोषकाल में भगवान शिव को अर्पित करें। कथा के दौरान पं. प्रदीप मिश्र ने प्रयाग के महात्म पर भी चर्चा की। उन्होंने श्रद्धालुओं से कहा कि प्रयाग की धरती का यही महत्व है कि जहा...