लखनऊ, अप्रैल 9 -- लखनऊ, प्रमुख संवाददाता संस्कृत के प्रचार-प्रसार और रोजगारपरक शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए योगी सरकार ने कई अहम फैसले लिए हैं। प्रदेश में 73 नए संस्कृत महाविद्यालयों को मान्यता प्रदान की गई है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश माध्यमिक संस्कृत शिक्षा परिषद ने चार नए डिप्लोमा पाठ्यक्रम भी शुरू किए हैं। जिनका उद्देश्य छात्रों को रोजगार से जोड़ना है। इसके तहत प्रदेश के 184 संस्थानों में डिप्लोमा स्तरीय प्रशिक्षण दिया जा रहा है। नए संस्कृत महाविद्यालयों की मान्यता से प्रदेश के लाखों छात्रों को लाभ मिलेगा। साथ ही नए विद्यालयों की स्थापना से ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों को भी संस्कृत शिक्षा का अवसर मिल सकेगा। इस संबंध में माध्यमिक संस्कृत शिक्षा परिषद के सचिव शिव लाल ने बताया कि सरकार के प्रयास से युवाओं के लिए संस्कृत के क्षेत्र में रो...
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