कानपुर, दिसम्बर 10 -- कानपुर। गंगा को निर्मल बनाने के लिए नमामि गंगे से सरकार करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, लेकिन गंगा को निर्मल बनाने की सच्चाई चौंकाने वाली है। सीवरेज को शोधित करने वाले सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) मानकों पर खरे नहीं उतरे। उप्र में संचालित 45 एसटीपी में 24 मानकों का अनुपालन करते हुए नहीं पाए गए। इतना ही नहीं इनमें पांच एसटीपी निष्क्रिय थे। नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा (एनएमसीजी) ने चार दिसंबर को एक पत्र जारी किया, जिसमें निर्मल गंगा की सच्चाई उजागर हुई। लिहाजा, एनएमसीजी ने एसटीपी का संचालन कर रही प्रत्येक फर्म को कारण बताओ नोटिस जारी किया। साथ ही, कहा है कि प्रत्येक फर्म से पूछा है कि स्पष्ट करें कि पांच लाख रुपये जुर्माना क्यों न लगाया जाए। उप्र के 12 जिलों के 17 शहरों में 49 एसटीपी हैं। इनकी निगरानी सेंट्रल पल्यूशन कं...