बरेली, जून 2 -- बरेली, वरिष्ठ संवाददाता। क्षयरोग के लक्षण वाले संदिग्ध मरीजों की अब माइक्रोबायोलाजिकल जांच की जाएगी। शासन ने इसे अनिवार्य कर दिया है और ऐसे संदिग्ध मरीजों की माइक्रोस्कोपी जांच न करने का निर्देश दिया है। इसके लिए सभी जिलों में नैट मशीनों को दो पाली में चलाने को कहा है। माइक्रोस्कोपी जांच केवल ऐसे मरीजों की ही होगी जिनका पहले से उपचार चल रहा है। राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत क्षयरोग के लक्षण वाले मरीजों की स्क्रीनिंग बढ़ाने का निर्देश दिया गया है। इसी क्रम में अब शासन ने निर्देश दिया है कि नैट मशीनों का प्रभावी उपयोग किया जाए और प्रतिदिन दो पाली में टीबी के लक्षण वाले मरीजों के सैंपल की माइक्रोबायोलाजिकल जांच की जाए। प्रति माड्यूल प्रति दिन कम से कम 6 जांच करने का निर्देश दिया गया है। जिले में बीते दिनों चले 10...